नाइट टेरर क्या है- What Is Night Terror In Hindi
डॉ. चांदनी तुगनैत, एम.डी. (Alternative Medicines), Psychotherapist, Life Coach, हीलर और गेटवे ऑफ हीलिंग की director के अनुसार, “नाइट टेरर को हम स्लीप टेरर के नाम से भी जानते हैं। यह एक किस्म की मानसिक बीमारी है। इसके तहत मरीज को नींद में डर, घबराहट, चिंता, अचान पैनिक अटैक आना या मन भटकना जैसी समस्या होने लगती है। इस तरह के सपने या डर की वजह से मरीज को सोने में काफी दिक्कत आती है। इस तरह की स्थिति को पैरासोमनिया भी कहा जाता है। आमतौर पर छोटे बच्चे इसका शिकार होते हैं। वे रात के समय सपने में क्यों डर रहे हैं, क्यों हो रहा है, उन्हें सुबह जगने के बाद खास कुछ याद नहीं रहता है। अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए, तो लंबे समय तक यह बीमारी परेशान कर सकती है।”
नाइट टेरर के लक्षण- Symptoms Of Night Terror In Hindi
नाइट टेरर लोगों में चिंता का कारण भी बन सकता है। इसके मुख्य लक्षण इस प्रकार हैं-- बार-बार नींद टूटनाः बुरे सपने या नाइट टेरर की वजह से मरीज की नींद बार-बार टूट जाती है। ऐसे लोगों को रात से डर लगने लगता है।
- इंटेंस फियर या पैनिकः जिन लोगों को नाइट टेरर होता है, वे रात से बहुत ज्यादा घबराते हैं। रात या अंधेरे की वजह से इस तरह के लोगों को पैनिक होने लगता है।
- अचानक उठकर बैठ जानाः नाइट टेरर से गुजर रहे लोग, अचानक सोते-साते सीधे उठकर बैठ जाते हैं। यह नाइट टेरर का एक गंभीर लक्षण है।
- एग्रेसिव बिहेवियरः कुछ मामलों में देखा जाता है कि जिन्हें नाइट टेरर होता है, वे सोते हुए एग्रेसिव हो जाते हैं, जैसे किसी को लात मारना या फिर हाथ उठाना।
- जगाने पर न उठनाः नाइट टेरर से गुजर रहे लोगों को नींद से उठाना मुश्किल होता है। वे अपने आप उठते हैं और अक्सर उठने के बाद ये लोग हकीकत और सपने में कंफ्यूज हो जाते हैं।
नाइट टेरर का कारण- Causes Of Night Terror In Hindi
वैसे, तो ज्यादातर मानसिक बीमारियों का कारण अब तक पता नहीं लगा है। इसी तरह, नाइट टेरर होने का कोई ठोस कारण ज्ञात नहीं है। लेकिन, यह जरूर कहा जाता है कि कुछ बातें, इसके लिए जिम्मेदार सकती हैं। इसमें, जेनेटिक्स, हाई स्ट्रेस, नींद की कमी, असामान्य स्लीपिंग पैटर्न शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा, लंबे समय तक कुछ दवाईयों पर निर्भर रहने और बीमार रहने की वजह से भी नाइट टेरर हो सकता है।
नाइट टेरर का ट्रीटमेंट- Treatment Of Night Terror In Hindi
साइकोलॉजिस्ट ख्याति मलिक कहती हैं, “जिस तरह निधि के मामले में देखा गया है कि आठ महीने से वह थेरेपी सेशंस ले रही थी। इसी तरह नाइट टेरर का इलाज एकमात्र थेरेपी सेशंस ही है। हालांकि, अगर व्यक्ति कभी-कभार नाइट टेरर से गुजरता है, तो इसके लिए कांउसलिंग की जरूरत नहीं होती है। हां, मरीज को अपने खानपान की बुरी आदतों को बदलने की सलाह दी जाती है, जैसे कैफीन का सेवन कम करना, शराब न पीना, तनाव से दूर रहना आदि। अगर किसी व्यक्ति को नाइट टेरर बहुत ज्यादा हो रहा है कि उसकी पर्सनल लाइफ तक प्रभावित हो रही है, तो ऐसी स्थिति में जरूरी है कि काउंसलिंग करवाए, दवाईया लें और थेरेपी सेशंस भी अटेंड करे।”नाइट टेरर से ग्रस्त व्यक्ति की मदद कैसे करें- How To Help Someone With Night Terror In Hindi
- डॉ. चांदनी तुगनैत सलाह देती हैं कि अगर आप ऐसे किसी करीबी की मदद करना चाहते हैं, जो नाइट टेरर से गुजर रहे हैं, तो इस संबंध में सबसे पहले खुद को जागरूक करें।
- इसके बाद, जो करीबी नाइट टेरर से गुजर रहा है, उसे सेफ एन्वायरमेंट दें ताकि वह गलती से भी खुद को नुकसान न पहुंचा दे।
- रात को सोते टाइम खिड़की या दरवाजों को बंद रखें, इनके साथ हमेशा प्यार से बातें करें, कभी उन पर चीखें या चिल्लाए नहीं।
- सुबह नींद से उठने के बाद उनके प्रति सहानुभूति दर्ज करें। मंद आवाज में उनके साथ घट रही घटनाओं पर चर्चा करें।
- अपने करीबी के स्लीप पैटर्न को नोटिस करें, ताकि उन्हें गहरी नींद दिलाने में मदद कर सकें।
- इस संबंध में डॉक्टर से बातचीत जरूर करें और उनके द्वारा दिए गए गाइडेंस को फॉलो करें।
The articles, news features, interviews, quotes, and media content displayed on this page are the property of their respective publishers and media houses. All such materials have been sourced from publicly available online platforms where our name, views, or contributions have been referenced, quoted, or featured.
Gateway of Healing / Dr. Chandni Tugnait / Others (as applicable) does not claim ownership over any external media content reproduced or linked here. The purpose of displaying these articles is solely for informational use, record-keeping, and to acknowledge media mentions related to our work.
Full credit for authorship, editorial content, and intellectual property rights belongs to the original publishers, journalists, and media organizations.
If any publisher or rights holder wishes to request modification, updated attribution, or removal of any content featured on this website, they may contact us at info@gatewayofhealing.com, and we will take appropriate action promptly.
Read the Article on Author's webpage - CLICK HERE

