What Is Night Terror Explained With Real Case Study In Hindi: “यह कहानी 22 वर्षीय निधि की है। निधि का जब जन्म हुआ, तभी उसके चाचा ने उसे गोद ले लिया था और लंबे समय तक वह उन्हें ही अपना पेरेंट्स मानती रही। बचपन में निधि के साथ सब सामान्य था। स्कूल में वह एक अच्छी स्टूडेंट थी, अपने दोस्तों के साथ वह खेलती-कूदती थी और अपने पेरेंट्स (चाचा-चाची) से किसी बच्चे की तरह जिद करती थी और ख्वाहिशें मनवाया करती थी। उसके पेरेंट्स भी उन्हें बिल्कुल अपने बच्चे की तरह दुलार किया करते थे। लेकिन, जैसे ही निधि ने आठवी क्लास पास की, उसके बायोलॉजिकल पेरेंट्स उसे आकर अपने साथ ले गए। निधि के जीवन का यह पहला गहरा झटका था। दरअसल, बचपन में वह यह बात जानती थी कि उसे उसके चाचा-चाची ने गोद लिया है और उसने उनके साथ अपने जीवन को जीना सीख लिया था। लेकिन जब निधि को उसके पेरेंट्स (चाचा-चाची) से दूर किया गया, तो वह उदास और परेशान रहने लगी। वह इस बदलाव के लिए खुद को कभी तैयार ही नहीं कर पाई थी। बायोलॉजिकल पेरेंट्स के साथ रहने के बावजूद उसके अंदर की चंचलता खत्म हो गई थी, उसने दोस्त बनाने कम कर दिए थे। नवीं कक्षा में उसका स्कूल बदला गया, जहां वह दूसरे बच्चों के साथ एड्जेस्ट नहीं कर पाई। यहां तक कि उसके साथ के बच्चे उसके सांवले रंग का मजाक उड़ाने लगे थे। धीरे-धीरे निधि का स्कूल में परफॉर्मेंस गिरने लगा। 12वीं की पढ़ाई पूरी होने तक निधि ने इस तरह की सिचुएशन को जैसे-तैसे हैंडल किया। हालांकि, इस दौरान उसे पैनिक अटैक आते थे, अक्सर एंग्जाइटी से ग्रस्त रहती थी। जैसे-जैसे वक्त बीता, सब सामान्य सा लगने लगा। लेकिन, निधि की परेशानियां यहां खत्म नहीं हुईं। वास्तव में यह सारी घटनांए निधि के मन-मस्तिष्क में कहीं दबी-छुपी रही गई थी। इसका जिक्र उसने कभी किसी से नहीं किया था। एक वक्त ऐसा आया, जब सोते समय निधि को सपने में यह सारी घटनांए नजर आने लगीं। वह पिछले 8 महीने से मेरे पास अपना इलाज कराने आ रही है। उसने मुझे बताया था कि उसे रात से डर लगता था। जैसे ही सोते बुरे ख्याल और सपने परेशान कर देते हैं।” ट्रीटमेंट के दौरान पता चला कि निधि को नाइट टेरर से गुजर रही थी।
यह केस स्टडी हमारे साथ दिल्ली के पटेल नगर स्थित कैलाश नर्सिंग होम और गुड़गांव  स्थित दी फेम ऑफ माइंड की साइकोलॉजिस्ट ख्याति मलिक ने शेयर की है। उन्होंने ही निधि का केस हैंडल किया है। ट्रीटमेंट के दौरान उन्हें पता चला कि निधि नाइट टेरर का शिकार है। उसे रात को सोते समय अजीबो-गरीब सपने आते हैं, जिसकी वजह से वह रात को सो नहीं पाती है। ख्याति, निधि का केस पिछले आठ महीने से हैंडल कर रही हैं।
ओनलीमायहेल्थ ‘मेंटल हेल्थ मैटर्स’ नाम से एक विशेष सीरीज चला रहा है। इसके जरिए हम मानसिक विकारों और रोगों की बेहतर तरीके से समझाने की कोशिश करते हैं, जिसके तहत बीमारी के लक्षण, कारण और इलाज के बारे में डिटेल बताई जाती है। आज इस सीरीज में हम आपको निधि की केस स्टडी की मदद से ‘नाइट टेरर’ के बारे में बताएंगे।

नाइट टेरर क्या है- What Is Night Terror In Hindi

डॉ. चांदनी तुगनैत, एम.डी. (Alternative Medicines), Psychotherapist, Life Coach, हीलर और गेटवे ऑफ हीलिंग की director के अनुसार, “नाइट टेरर को हम स्लीप टेरर के नाम से भी जानते हैं। यह एक किस्म की मानसिक बीमारी है। इसके तहत मरीज को नींद में डर, घबराहट, चिंता, अचान पैनिक अटैक आना या मन भटकना जैसी समस्या होने लगती है। इस तरह के सपने या डर की वजह से मरीज को सोने में काफी दिक्कत आती है। इस तरह की स्थिति को पैरासोमनिया भी कहा जाता है। आमतौर पर छोटे बच्चे इसका शिकार होते हैं। वे रात के समय सपने में क्यों डर रहे हैं, क्यों हो रहा है, उन्हें सुबह जगने के बाद खास कुछ याद नहीं रहता है। अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए, तो लंबे समय तक यह बीमारी परेशान कर सकती है।”

नाइट टेरर के लक्षण- Symptoms Of Night Terror In Hindi

नाइट टेरर लोगों में चिंता का कारण भी बन सकता है। इसके मुख्य लक्षण इस प्रकार हैं-
  • बार-बार नींद टूटनाः बुरे सपने या नाइट टेरर की वजह से मरीज की नींद बार-बार टूट जाती है। ऐसे लोगों को रात से डर लगने लगता है।
  • इंटेंस फियर या पैनिकः जिन लोगों को नाइट टेरर होता है, वे रात से बहुत ज्यादा घबराते हैं। रात या अंधेरे की वजह से इस तरह के लोगों को पैनिक होने लगता है।
  • अचानक उठकर बैठ जानाः नाइट टेरर से गुजर रहे लोग, अचानक सोते-साते सीधे उठकर बैठ जाते हैं। यह नाइट टेरर का एक गंभीर लक्षण है।
  • एग्रेसिव बिहेवियरः कुछ मामलों में देखा जाता है कि जिन्हें नाइट टेरर होता है, वे सोते हुए एग्रेसिव हो जाते हैं, जैसे किसी को लात मारना या फिर हाथ उठाना।
  • जगाने पर न उठनाः नाइट टेरर से गुजर रहे लोगों को नींद से उठाना मुश्किल होता है। वे अपने आप उठते हैं और अक्सर उठने के बाद ये लोग हकीकत और सपने में कंफ्यूज हो जाते हैं।

नाइट टेरर का कारण- Causes Of Night Terror In Hindi

वैसे, तो ज्यादातर मानसिक बीमारियों का कारण अब तक पता नहीं लगा है। इसी तरह, नाइट टेरर होने का कोई ठोस कारण ज्ञात नहीं है। लेकिन, यह जरूर कहा जाता है कि कुछ बातें, इसके लिए जिम्मेदार सकती हैं। इसमें, जेनेटिक्स, हाई स्ट्रेस, नींद की कमी, असामान्य स्लीपिंग पैटर्न शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा, लंबे समय तक कुछ दवाईयों पर निर्भर रहने और बीमार रहने की वजह से भी नाइट टेरर हो सकता है।

नाइट टेरर का ट्रीटमेंट- Treatment Of Night Terror In Hindi

साइकोलॉजिस्ट ख्याति मलिक कहती हैं, “जिस तरह निधि के मामले में देखा गया है कि आठ महीने से वह थेरेपी सेशंस ले रही थी। इसी तरह नाइट टेरर का इलाज एकमात्र थेरेपी सेशंस ही है। हालांकि, अगर व्यक्ति कभी-कभार नाइट टेरर से गुजरता है, तो इसके लिए कांउसलिंग की जरूरत नहीं होती है। हां, मरीज को अपने खानपान की बुरी आदतों को बदलने की सलाह दी जाती है, जैसे कैफीन का सेवन कम करना, शराब न पीना, तनाव से दूर रहना आदि। अगर किसी व्यक्ति को नाइट टेरर बहुत ज्यादा हो रहा है कि उसकी पर्सनल लाइफ तक प्रभावित हो रही है, तो ऐसी स्थिति में जरूरी है कि काउंसलिंग करवाए, दवाईया लें और थेरेपी सेशंस भी अटेंड करे।”

नाइट टेरर से ग्रस्त व्यक्ति की मदद कैसे करें- How To Help Someone With Night Terror In Hindi

  • डॉ. चांदनी तुगनैत सलाह देती हैं कि अगर आप ऐसे किसी करीबी की मदद करना चाहते हैं, जो नाइट टेरर से गुजर रहे हैं, तो इस संबंध में सबसे पहले खुद को जागरूक करें।
  • इसके बाद, जो करीबी नाइट टेरर से गुजर रहा है, उसे सेफ एन्वायरमेंट दें ताकि वह गलती से भी खुद को नुकसान न पहुंचा दे।
  • रात को सोते टाइम खिड़की या दरवाजों को बंद रखें, इनके साथ हमेशा प्यार से बातें करें, कभी उन पर चीखें या चिल्लाए नहीं।
  • सुबह नींद से उठने के बाद उनके प्रति सहानुभूति दर्ज करें। मंद आवाज में उनके साथ घट रही घटनाओं पर चर्चा करें।
  • अपने करीबी के स्लीप पैटर्न को नोटिस करें, ताकि उन्हें गहरी नींद दिलाने में मदद कर सकें।
  • इस संबंध में डॉक्टर से बातचीत जरूर करें और उनके द्वारा दिए गए गाइडेंस को फॉलो करें।
   

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