एंग्जायटी का इलाज न करवाने के नुकसान
क्रोनिक थकान
एंग्जायटी से पीड़ित लोगों के मन में तरह-तरह के विचार आते रहते हैं। असल में, यह किसी उथल-पुथल से कम नहीं होते हैं। अगर लंबे समय तक मरीज एंग्जायटी में रहता है और उसका इलाज नहीं करवाता है, तो इसकी वजह से वह एक समय बाद खुद को शारीरिक रूप से थका हुआ महसूस करता है। यहां तक कि पर्याप्त नींद लेने के बाद भी शरीर में एनर्जी के स्तर में कमी बनी रहती है।
मांसपेशियों में खिंचाव और दर्द
चिंता की स्थिति इस हद तक शरीर को परेशान करती है कि मांसपेशियों में खिंचाव और दर्द भी महसूस होने लगता है। दरअसल, चिंता होने पर शरीर अपने आप फाइट और फ्लाइट की स्थिति में चला जाता है। ऐसे में ब्रेन में स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे मांसपेशियों में तनाव पैदा होने लगता है। कुछ मामलों में मांसपेशियों में अकड़न और दर्द भी होने लगता है।
पेट और पाचन की समस्या
जब एंग्जायटी का इलाज लंबे समय तक न किया जाए, तो इसकी वजह से पेट में दर्द होने लगता है। इसकी वजह गट-ब्रेन एक्सिस है, जो सेंट्रल नर्वस सिस्टम और पेट के एंटरिक नर्वस सिस्टम (Enteric Nervous System) के बीच का एक जटिल, दोनों तरफ से काम करने वाला कम्युनिकेशन नेटवर्क है। क्रोनिक एंग्जायटी होने पर हमारा फिजिकल रिस्पाॅन्स सक्रिय हो जाता है, जो सामान्य पाचन क्रिया को सीधे तौर पर बाधित कर देता है। ऐसे में पेट में ऐंठन, गैस, एसिडिटी, मतली और इरिटेबल बोवेल सिंड्रोम जैसी पाचन संबंधी समस्याएं होने लगती हैं।
सीने में भारीपन
एंग्जायटी होने पर सीने में भारीपन महसूस हो सकता है। दरअसल, जब चिंता के कारण स्ट्रेस हार्मोन रिलीज होता है, तो इसकी वजह से सिर्फ मांसपेशियों में ही खिंचाव नहीं आता है, बल्कि बिना किसी शारीरिक मेहनत के भी अचानक दिल की धड़कन तेज हो जाती है और सीने में जकड़न महसूस होने लगती है।
निष्कर्ष
अगर लंबे समय तक एंग्जायटी बनी रहे, तो इसे इग्नोर न करें। यह धीरे-धीरे शारीरिक समस्याएं पैदा करने लगता है। हां, अगर आपको पता नहीं है कि आप एंग्जायटी में हैं, तो ऐसे में शरीर में दिख रहे लक्षणों पर नजर डाल सकते हैं। जैसे चिड़चिड़ा महसूस होना, ब्रेन फाॅग, अक्सर चिंता से घिरे रहना, मतली, पेट दर्द और पाचन संबंधी समस्या होना। इन संकेतों को देखते हुए तुरंत डॉक्टर से मिलें और अपना इलाज करवाएं।
FAQ
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क्या एंग्जायटी के कारण सच में शरीर में दर्द हो सकता है?
हां, एंग्जायटी के कारण स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। इससे मांसपेशियों में लगातार खिंचाव रहता है और दर्द होने लगता है। -
क्या पाचन की समस्याओं को ठीक करने से एंग्जायटी कम हो सकती है?
मानसिक समस्या हो, तो उसका इलाज करवाएं। पाचन संबंधी समस्या से छुटकारा पाना मानसिक तनाव को कम करने का सीधा इलाज नहीं है।
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