हमारे रिज़ॉल्यूशंस एंग्जायटी क्यों बढ़ा देते हैं? – Why Do Our Resolutions Increase Anxiety?
डॉ. चांदनी तुगनाइट के अनुसार, हर नया साल आते ही लोग एक नई लिस्ट बनाते हैं, लेकिन समय के साथ रिज़ॉल्यूशंस के पूरा न होने के कारण लोगों को एंग्जयटी, स्ट्रेस और बेचैनी होने जैसी समस्याएं होती हैं। ऐसा कई कारणों से हो सकता है।1. परफेक्ट बनने का दबाव
नए साल के रिज़ॉल्यूशंस अक्सर “परफेक्ट वर्जन” की मांग करते हैं और हम तय कर लेते हैं कि अब कोई गलती नहीं होगी। ऐसे में रोज एक्सरसाइज करेंगे, जंक फूड नहीं खाएंगे और कभी आलस नहीं करेंगे। अक्सर यह सोच असल जिंदगी से मेल नहीं खाती। जब हम तय किए गए मानकों पर खरे नहीं उतरते, तो खुद को फेल मानने लगते हैं। यही सोच धीरे-धीरे एंग्ज़ायटी में बदल देती है।2. बहुत ज्यादा उम्मीदें, बहुत कम समय
हम एक साल में वह सब हासिल करना चाहते हैं जो शायद कई सालों में नहीं होता है। रिज़ॉल्यूशंस अक्सर बहुत बड़े और भारी होते हैं। जब दिमाग को लगता है कि समय कम है और लक्ष्य बहुत बड़े हैं, तो वह अलर्ट मोड में चला जाता है। यही वजह है कि मोटिवेशन की जगह तनाव महसूस होने लगता है।3. खुद से लगातार तुलना
नए साल पर सोशल मीडिया पर हर कोई अपनी प्लानिंग, गोल्स और सक्सेस शेयर करता है। कोई सुबह पांच बजे उठ रहा है, कोई मैराथन दौड़ रहा है, कोई पैसे कमाने का लक्ष्य लिख रहा है। हम अनजाने में अपनी ज़िंदगी की तुलना दूसरों से करने लगते हैं। इससे लगता है कि हम पीछे रह गए हैं, और यही भावना एंग्ज़ायटी को और बढ़ा देती है।4. खुद को बदलने की ज़िद, समझने की कमी
रिज़ॉल्यूशंस अक्सर इस सोच से आते हैं कि हमारे अंदर कुछ गलत है, जिसे ठीक करना है। हम खुद को स्वीकार करने की बजाय खुद से लड़ने लगते हैं। जब बदलाव आत्म-दबाव से आता है, तो वह थकाने वाला बन जाता है। दिमाग को लगातार लगता है कि वह पर्याप्त नहीं है।5. मोटिवेशन नहीं, सुरक्षा चाहिए
सच यह है कि नए साल में हमें मोटिवेशन से ज़्यादा मानसिक सुरक्षा की जरूरत होती है। दिमाग तब बेहतर काम करता है, जब उसे सुरक्षित और समर्थ महसूस होता है। छोटे कदम, लचीले लक्ष्य और खुद के प्रति दयालु रवैया एंग्जायटी को कम करता है।निष्कर्ष
नए साल के रिज़ॉल्यूशंस के कारण अक्सर लोगों को एंग्जायटी, स्ट्रेस और बेचैनी होने की समस्या हो सकती है। परफेक्ट बनने का दबाव, बहुत ज़्यादा उम्मीदें, बहुत कम समय, खुद से लगातार तुलना, खुद को बदलने की ज़िद, समझने की कमी और सुरक्षा प्रदान करें। इसके लिए नए साल पर ऐसे रिज़ॉल्यूशंस बनाएं, जिससे प्रेशर महसूस न हो। अधिक स्ट्रेस और एंग्जायटी महसूस होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें।The articles, news features, interviews, quotes, and media content displayed on this page are the property of their respective publishers and media houses. All such materials have been sourced from publicly available online platforms where our name, views, or contributions have been referenced, quoted, or featured.
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