1 – सांस लेने की प्रक्रिया में आता है सुधार
यदि आप पेट के बल या एक ही करव टमें सोते हैं तो ऐसे में कभी-कभी सांस लेने में दिक्कत महसूस हो सकती है, जिसके कारण व्यक्ति की नींद बार-बार खुल जाती है। वही पीठ के बल सोने से व्यक्ति धीमी, गहरी और लंबी सांसे लेना शुरू कर सकता है। बता दें कि इसके कारण शरीर में मेलाटोनिन का उत्पादन होता है। इस हार्मोन के उत्पादन के कारण व्यक्ति को अच्छी नींद आती है।2 – कमर दर्द से राहत
जो लोग कमर दर्द या गर्दन के दर्द से परेशान रहते हैं उन्हें बता दें कि पीठ के बल सोना एक अच्छा विकल्प है। पीठ के बल सोने से रीढ़ की हड्डी पर कम दबाव पड़ता है। वहीं रीढ़ की हड्डी एकदम सीधी रहती है। ऐसे में आप पीठ के बल लेटकर दोनों हाथों को छाती पर रखें और इस इस पोजीशन में सोएं। ऐसा करने से ना केवल कमर दर्द और गर्दन के दर्द से राहत मिलेगी बल्कि व्यक्ति को नींद भी अच्छी आएगी।3 – झुर्रियों को करें कम
पीठ के बल सोने से त्वचा पर कम खिंचाव पड़ता है और व्यक्ति को जलन भी कम महसूस हो सकती है। अगर कोई व्यक्ति करवट लेकर सोता है तो त्वचा पर खिंचाव पड़ने के कारण चेहरे पर झुर्रिया आ सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि उस वक्त आपका चेहरा तकिये के संपर्क में होता है, जिसके कारण चेहरे पर रेखाएं बन सकती हैं। ऐसे में अगर आप पीठ के बल सोते हैं तो आपका चेहरा झुर्रियों से दूर रह सकता है। साथ ही व्यक्ति समय से पहले झुर्रियों को बढ़ने से रोक सकता है। चेहरे पर होने वाली जलन व्यक्ति की नींद में खलन डाल सकती है। ऐसे में यदि व्यक्ति पीठ के बल सोएगा तो इससे झुर्रियां और रेखाएं दूर होने के साथ-साथ व्यक्ति की नींद भी प्रभावित होगी।4 – चेहरे की सूजन हो कम
चेहरे की सूजन को कम करने में भी पीठ का सोना एक बेहतर विकल्प है। बता दें कि जब हम किसी एक करवट में सोते हैं तो उस दौरान चेहरे के दबाव वाले हिस्से में द्रव जमा हो जाता है, जिसके कारण आंखों के आसपास सूजन और चेहरे पर सूजन आ सकती है। सूजन के कारण व्यक्ति की नींद भी प्रभावित हो सकती है। ऐसे में पीठ के बल सोने से इस समस्या से छुटकारा मिल सकता है। पीठ के बल सोने से चेहरे पर किसी भी प्रकार का दबाव नहीं पड़ता और व्यक्ति सूजन जैसी समस्या से भी दूर रह सकता है।
5 – तनाव को रखें दूर
पेट के बल या एक करवट में सोने के कारण व्यक्ति की नींद कई बार खुल सकती है, जिसके कारण व्यक्ति तनाव महसूस करता है और उसे चिड़चिड़ाहट भी महसूस हो सकती है। ऐसे में यदि व्यक्ति पीठ के बल सोएगा तो उसकी नींद में किसी प्रकार का खलन नहीं होगा और वह एकदम फ्रेश महसूस करेगा। ऐसे में व्यक्ति पीठ के बल सोने से तनाव से दूर रह सकता है।6 – साइनस में सुधार
जो लोग साइनस की समस्या से ग्रस्त होते हैं उन लोगों में नींद की समस्या भी देखी जा सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि सोते वक्त बलगम नासिक मार्ग में जमा हो जाती है, जिसके कारण व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत महसूस होती है। ऐसे में यदि व्यक्ति पीठ के बल सोएगा तो उस दौरान गुरुत्वाकर्षण बल बलगम निकालने में मदद करेगा। इससे ना केवल व्यक्ति के साइनस की समस्या में सुधार होगा बल्कि नासिका मार्ग यानी सांस वाला मार्ग भी साफ रहेगा। इससे व्यक्ति को नींद भी अच्छी और गहरी आएगी।7 – सिर दर्द को रखे दूर
बता दें कि पेट के बल सोने या एक करवट में सोने से सिर पर भी काफी दबाव पड़ता है। इस दबाव के कारण व्यक्ति को सर्वाइकोजेनिक सिर दर्द या माइग्रेन जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इसके दौरान लक्षणों के तौर पर गर्दन में अकड़न, आंखों के आसपास दर्द, खांसते और छींकते समय दर्द, धुंधला दिखाई देना, पेट में गड़बड़ी आदि लक्षण नजर आ सकते हैं। ऐसे में यदि व्यक्ति पीठ के बल सोता है तो सिर पर दबाव कम पड़ता है और व्यक्ति कई न्यूरो समस्याओं से बच सकता है। न्यूरो समस्याओं से छुटकारा पाने पर व्यक्ति नींद की समस्याओं से भी दूर रह सकता है।8 – चेहरे की कई समस्याओं को करे दूर
बता दें कि जो व्यक्ति एक करवट में या पेट के बल सोता है तो उस दौरान उसका चेहरा तकिये के संपर्क में रहता है। यही कारण होता है कि तकिये पर चिपकी धूल, मिट्टी, गंदगी चेहरे पर चिपक जाती है। इसके कारण व्यक्ति को त्वचा की कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में पीठ के बल सोने से चेहरे को कई समस्याओं से दूर रखा जा सकता है। वही व्यक्ति ब्लैक हेड्स व्हाइट हेड्स आदि समस्याओं से भी बच सकता है। नोट – ऊपर बताए गए बिंदुओं से पता चलता है कि पेट के बल सोने से शरीर की कई समस्याएं दूर होती हैं। साथ ही व्यक्ति को नींद भी बेहतर आती है। ऐसे में व्यक्ति कोशिश करें कि वह ज्यादा से ज्यादा पीठ के बल सोए। इस लेख में फोटोज़ Freepik से ली गई हैं।The articles, news features, interviews, quotes, and media content displayed on this page are the property of their respective publishers and media houses. All such materials have been sourced from publicly available online platforms where our name, views, or contributions have been referenced, quoted, or featured.
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