आज की तेज़ी से बदलती दुनिया में क्लाइमेट चेंज से जुड़ी चिंताओं के बीच युवा अपनी जीवनशैली को लेकर पहले से ज्यादा सजग हो गए हैं। इसी सोच से ग्रीन डेटिंग जैसा ट्रेंड सामने आया है, जहां रिश्ते साझा मूल्यों पर बनते हैं। जैसे, टिकाऊ लाइफस्टाइल, कम कचरा, ईको-फ्रेंडली डेट आइडियाज़ और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी।
‘ग्रीन डेटिंग’ किसे कहते हैं?
ग्रीन डेटिंग’ का मतलब उस डेटिंग से हैं, जिसमें कपल का कनेक्शन पर्यावरण से जुड़ी चीजों से होता है और दोनों के विचार पर्यावरण को लेकर एक जैसे होते हैं। इसमें दोनों लोग प्रकृति से प्यार करते हैं, पर्यावरण से जुड़ी जीवनशैली में विश्वास रखते हैं और नेचुरल चीजों का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल नहीं करते। जहां नॉर्मल डेटिंग में फैंसी रेस्टोरेंट में डिनर होता है, वहीं ग्रीन डेटिंग में इको फ्रेंडली एक्टिविटीज शामिल होती हैं। जैसे, साथ में पेड़ लगाना, हाइकिंग करना, हरियाली में साथ घूमना, लोगों को पर्यावरण के बारे में जागरूक करना आदि। कुल मिलाकर एक ऐसा पार्टनर, जो नेचर से उतना प्यार करता हो, जितना कि आप।
रिलेशनशिप कनेक्शन की जरूरत
एक्सपर्ट बताते हैं कि आज के दौर में इस तरह के रिलेशनशिप कनेक्शन की जरूरत भी है। रिलेशनशिप एक्सपर्ट नीतू डंगवाल कहती हैं, ‘ग्रीन डेटिंग का मतलब पर्यावरण का ध्यान रखते हुए डेट करना है। इसमें कपल ऐसे तरीके अपनाते हैं, जो पृथ्वी को नुकसान न पहुंचाए। इसके साथ इको-फ्रेंडली गिफ्ट देना और प्लांट-बेस्ड रेस्टोरेंट में जाना आदि है। यह केवल एक ट्रेंड नहीं है, बल्कि आज के दौर की मांग भी है।
ये रिश्ता प्यार के साथ समाज के प्रति जिम्मेदार भी बनाता है
आपसी समझ को बेहतर बनाने में ग्रीन डेटिंग मददगार है। रिलेशनशिप एक्सपर्ट चांदनी तुगनैट बताती हैं, ‘ग्रीन डेटिंग सिर्फ भावनात्मक जुड़ाव नहीं, बल्कि साझा मूल्यों पर रिश्ता बनाती है। जब दोनों पार्टनर पर्यावरण को लेकर एक जैसी सोच रखते हैं, तो उनका माइंडसेट, लाइफस्टाइल और भविष्य के लक्ष्य भी मिलते हैं। इससे इमोशनल समझ बढ़ती है और आपसी सम्मान मजबूत होता है।’ दरअसल, इसमें कपल्स दोबारा से प्रयोग आने वाली चीजों का इस्तेमाल करते हैं, ग्रीन और लोकल बिज़नेस को सपोर्ट करते हैं और अपने कार्बन फुटप्रिंट को कम करने की कोशिश करते हैं।
ये छोटे-छोटे कदम उन्हें जिम्मेदार फैसले लेना सिखाते हैं, जो रिश्ते में भरोसे और समझ को और मजबूत बनाते हैं। इस तरह की ईको-कॉन्शियस डेटिंग में पार्टनर्स एक-दूसरे को सकारात्मक तरीके से प्रेरित करते हैं। चाहे वह कम प्लास्टिक इस्तेमाल करना हो, सोच-समझकर ट्रैवल करना हो या पर्यावरण के अनुकूल चीजों को अपनाना। इसमें रिश्ता सिर्फ प्यार तक सीमित नहीं रहता, समाज और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का रूप भी ले लेता है।
ग्रीन डेटिंग को कैसे करें प्लान?
अगर पार्टनर को गिफ्ट देना हो, तो इको-फ्रेंडली गिफ्ट्स चुनें। नीतू कहती हैं, ‘इसके लिए रियूजेबल कॉफी मग, इनडोर प्लांट्स या सस्टेनेबल बैग अच्छे विकल्प हो सकते हैं। डेटिंग पर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो किसी हरियाली वाली जगह को चुनें। जैसे, पार्क में टहलना या पिकनिक करना। आउटडोर एक्टिविटीज में कैफे की बजाय हाइकिंग, साइकिलिंग या खुले माहौल में समय बिताना बेहतर और ज्यादा सुकून देने वाला होता है।’
एक डेटिंग सर्वे के मुताबिक, अक्सर डेटिंग के दौरान कपल लॉन्ग ड्राइव पर जाते हैं या किसी रेस्तरां में खाने के लिए।
लेकिन ग्रीन डेटिंग में आप कुछ अलग और ज्यादा फायदेमंद कर सकते हैं। कार के बजाय साइकिल के विकल्प पर जा सकते हैं। इससे पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचता, साथ ही दोनोंं को एक-दूसरे के साथ क्वालिटी टाइम बिताने का मौका भी मिलता है। अगर बाहर खाने का मन हो, तो प्लांट-बेस्ड रेस्टोरेंट चुनें। इसके साथ ही फास्ट फैशन से बचें और प्लास्टिक का कम से कम इस्तेमाल करें। कुल मिलाकर, ग्रीन डेटिंग में ऐसे छोटे-छोटे फैसले शामिल होते हैं, जो रिश्ते को मजबूत बनाते हैं और पर्यावरण की रक्षा में भी मदद करते हैं।